मेलबर्न: मेलबर्न में भारतीय ट्रक ड्राइवरों को लूटने आये ऑस्ट्रेलिया के 2 लुटेरों को भारी पड़ गया। उनमें से एक ट्रक ड्राइवर दोनों ऑस्ट्रेलियाई लुटेरों से भिड़ गया और उनको बुरी तरह पीटा। हालत यह हो गई कि लुटेरे कार से अपनी जान बचाकर भागने लगे। मगर भारतीय ट्रक ड्राइवर ने इसके बावजूद लुटेरों को पीटना बंद नहीं किया। बाद में ट्रक ड्राइवर का दूसरा साथी भारतीय भी आ गया और वह भी दोनों लुटेरों को पीटने लगा। इससे लुटेरों की हालत खस्ता हो गई।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय ट्रक ड्राइवरों ने दिखाई बहादुरी
बताया जा रहा है कि 20 मार्च को मेलबर्न में दो भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर लुटेरों ने हमला किया। यह घटना शहर के स्कोर्सबी इलाके में एक पेट्रोल पंप के पार्किंग में हुई। भारतीय मूल के 2 डिलीवरी ट्रक ड्राइवर जो एलजी कंपनी के लिए काम करते हैं, वह दोनों अपने वाहन के पास खड़े थे, तभी दो हथियारबंद गुंडों ने उन पर हमला बोल दिया। लुटेरों ने न सिर्फ ट्रक की चाबियां मांगी, बल्कि नस्लीय गाली-गलौज भी की। मगर एक ड्राइवर अकेले ही दोनों गुंडों से भिड़ गया। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि ड्राइवर ने बिना डरे मुक्के चलाने शुरू कर दिए। कुछ ही पलों में उनका साथी ड्राइवर भी मदद के लिए दौड़ा आया।
भारतीय ड्राइवर ने लुटेरों को खूब पीटा
वीडियो में देखा जा रहा है कि दोनों भारतीय ड्राइवरों ने मिलकर गुंडों को बुरी तरह पीटा। एक ड्राइवर ने बचाव में कोई टूल भी इस्तेमाल किया। गुंडे इस हमले की उम्मीद नहीं कर रहे थे। वे तुरंत पछताने लगे। हालांकि बाद में दोनों लुटेरे हमलावर भागने में कामयाब हुए और अपनी गेटवे कार में सवार होकर फरार हो गए। पुलिस अब उनकी तलाश कर रही है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में दोनों भारतीय ड्राइवरों की बहादुरी की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि विदेश में रहकर भी भारतीयों ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मरक्षा में डटकर लड़ाई लड़ी।
भारतीय समुदाय ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
यह घटना ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते कारजैकिंग और नस्लीय हमलों की ओर इशारा करती है। भारतीय समुदाय ने इस घटना के बाद सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। दोनों ड्राइवर सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों भारतीय ड्राइवरों की साहसिक कहानी अब हर किसी के मुंह पर है। कहा जा रहा है कि हमलावर लुटेरे भारतीय ड्राइवरों से भिड़कर बहुत पछताए होंगे, क्योंकि उन्होंने ऐसे पलटवार की शायद उम्मीद नहीं की थी।